एक एरिया में दादा रहता है,उनको सब तातिया भाई के नाम से जानते है..
अब उसके एरिया में जो भी कोई लफडा होता है तो पुलिस से पहले लोग तातिया भाई की अदालत में जाता है ….
एक बार तातिया भाई के एरिया में रेप हो जाता है, और जिसने रेप किया होता है. उसको पकड़ के तातिया भाई के पास लेके जाते हैं …
तातिया भाई पहले तो बहुत शांति से , स्टाइल में, उस से बात करता है … कुछ इस तरह से …
तातिया भाई : क्या रे ? तेरे को मालूम नही यह अपुन का एरिया है ?
आदमी : हाँ मालूम है ना भाई .
तातिया भाई : फिर कैसे हिम्मत की रेप करने की अपुन के एरिया में ?
आदमी : अब क्या बोलूँ भाई , किस्मत खराब थी .
तातिया भाई : चल मेरे को सुब कुछ सच-सच बता क्या और कैसे हुआ ?
आदमी : अभी क्या है ना भाई ..… इधर नाके पे अपुन सिगरेट पीने के लिए आया …
तातिया भाई : फिर ?
आदमी : अपुन खडे होके सिगरेट पी रहा था… … और उतने में सामने वाली फ्लैट पर अपुन की नज़र गयी …
तातिया भाई : आगे बोल
आदमी : उधर तीसरे महले पे एक चिकनी खड़ी हुई थी
तातिया भाई : फिर क्या हुआ ?
आदमी : अपुन को ऐसा लगा के उसने इशारा किया आने के लिए ..
तातिया भाई : फिर तुने क्या किया ?
आदमी : अपुन सोचा के कुछ काम होयेंगा उसको …. तो अपुन बिल्डिंग के नीचे गया
तातिया भाई: फिर ?
आदमी : उसने इशारे से अपुन को ऊपर बुलाया … अपुन सीडी चड़ते येहिच सोच्रेला था “तातिया भाई का एरिया है ….. लफडा नही करने का ”
तातिया भाई : चल फटाफट आगे बोल
आदमी : अपुन ने उसको जाके बोला…. क्या काम है .. कयको इशारा किया अपुन को ?
तातिया भाई: फिर ?
आदमी : फिर क्या भाई, अपुन को उसने घर के अन्दर खीच लिया
तातिया भाई: (तुरंत) फिर ?
आदमी: अपुन घर मे तो चला गया लेकिन सोच रहा था कि “तातिया भाई का एरिया है ….. लफडा नही करने का”
तातिया भाई: आगे बोल
आदमी :उसने अपुन का हाथ पकड़ लिया
तातिया भाई: अच्छा… फिर?
आदमी : सच्ची बोलता है भाई हाथ पकड़ते ही अपुन फिर सोचा “तातिया भाई का एरिया है ….. लफडा नही करने का ”
तातिया भाई: फिर क्या हुआ ?
आदमी : फिर क्या था … उसने बोला चिकने मेरी प्यास बुझा दे
तातिया भाई: फिर तू क्या बोला ?
आदमी : अपुन क्या बोलता, उसने अपना दुप्पटा नीचे गिरा दीया
चमन : तो फिर क्या हुआ?
आदमी : अपुन के दिमाग की दही हो गया, क्या दूध (boobs) थे साली के …लेकिन भाई फिर भी अपुन सोचा “तातियाभाई का एरिया है ….. लफडा नही करने का ”
तातिया भाई : फिर तुने क्या किया ?
आदमी : अपुन बोला एक-दो किस करेगा और चला जायेगा ….. ज्यादा बोली तो बोड़ी टच करेंगा लेकिन इंजन नही खोलने का…. आखिर “तातिया भाई का एरिया है ….. लफडा नही करने का ”
तातिया भाई : तो फिर ?
आदमी : उसने अपुन को खीच लिया …. सच्ची बोलता है भाई ऐसी कातिल जवानी अपुन अक्खी लाइफ मे नही देखा .
तातिया भाई : हाँ, वो तो है …. तू आगे बोल
आदमी : फिर क्या था …. अपुन ने किस किया, दूध (boobs) भी दबाया…. लेकिन इमान से बोलता है, सोच रहा था “तातिया भाई का एरिया है….. लफडा नही करने का ”
चमन : आगे बोल ?
आदमी : फिर उसने अपनी कमीज़ उतर दी
तातिया भाई : फिर ?
आदमी : फिर सलवार, लेकिन अपुन के दिल मे एकीच ख्याल आ रहा था “तातिया भाई का एरिया है….. लफडा नही करने का ”
तातिया भाई : आगे आगे ?
आदमी : फिर पेटीकोट और चड्डी साली ने सब उतार दी
तातिया भाई : सच्ची-सच्ची बता डाल
आदमी : फिर मेरी पैंट खीच ली
तातिया भाई :अच्छा?
आदमी : मेरी अंडरवियर में हाथ डाल दीया
तातिया भाई: ओह !!
आदमी : चड्डी उतार दी मेरी, लेकिन अपुन फिर भी सोचा “तातिया भाई का एरिया है….. लफडा नही करने का”
तातिया भाई :और आगे बता ..
आदमी : फिर वो हाथ फिराने लगी
तातिया भाई : सच में …
आदमी : फिर मुँह घुमाने लगी .. फिर भी अपुन येही सोच रहा था “तातिया भाई का एरिया है ….. लफडा नही करने का ”
तातिया भाई : आगे… आगे बोल साले ….
आदमी : चूमने चाटने लगी भाईई …..लेकिन भाई कसम से ……मैं येही सोच रहा था “तातिया भाई का एरिया है ….. लफडा नही करने का ”
तातिया भाई : अबे तेरी तो …. तातिया भाई गया माँ चु… ….. तू आगे बोल !
आदमी : येहिच…… येहिच – अपुन ने भी येही सोचा भाई…..और गेम बजा डाला !!!
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